काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास पहली बार पहुंचा अदालत
पूजा स्थल के छत पर चलने या नमाज पढ़े जाने से घट सकती है घटना

वाराणसी के जिला जज ने 31 जनवरी को अपने आदेश में ज्ञानवापी मस्जिद के तहखाने में पूजा करने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर एक पुजारी द्वारा मूर्तियों की पूजा के लिए व्यवस्था करने का निर्देश दिया था। हिंदू पक्ष के अधिवक्ता मदन मोहन यादव ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद व्यास तहखाने में 31 जनवरी से पूजा पाठ शुरू हो चुका है। आने वाले श्रद्धालु व्यास जी के तहखाने में स्थापित विग्रहों का झांकी दर्शन कर रहे हैं। साथ ही व्यास जी के तहखाने की छत काफी पुरानी और कमजोर है। नमाजी तहखाने की छत पर चलते हैं। पूजा स्थल के छत पर चलने या नमाज पढ़ने से घट सकती है घटना। तहखाने की छत और खंभे काफी कमजोर हैं। ऐसा ना हो यह किसी वजह से गिर जाए और कोई घटना घटित हो।
वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यास तहखाने की छत से पत्थर के टुकड़े टूटकर मूर्तियों के बगल में गिर रहे हैं। जिसके चलते ज्ञानवापी से जुड़े किसी मामले में इस अर्जी पर जिला जज की अदालत 19 मार्च को सुनवाई करेगी।इसके बाद काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने तहखाने की मरम्मत और पुजारियों की सुरक्षा के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। न्यास की ओर से जिला जज की अदालत में दी गई अर्जी में बताया गया है कि तहखाने में पूजा-पाठ शुरू होने के बाद ज्ञानवापी मस्जिद में नमाजियों की अचानक भीड़ बढ़ने से दबाव के चलते तहखाने की छत से पत्थर के टुकड़े टूटकर गिर रहे है। यह भी बताया गया है कि तहखाने में पूजा स्थल के आस पास पत्थर की दीवारें पर साथ ही जर्जर पड़ी छत से पानी का रिसाव भी लगातार हो रहा है। छत में लगे बीम में भी दरार आई हुई है।
अर्जी में तहखाने की छत पर नमाजियों की आवाजाही रोकने और छत की मरम्मत की मांग की गई है।



