UP : बदायूं में तेरहवीं के भोज में रायता खाने के बाद 200 लोगों की हुई तबीयत खराब अस्पताल में भर्ती

UP : बदायूं में तेरहवीं के भोज में रायता खाने के बाद 200 लोगों को लगा एंटी-रेबीज का टीका
◆ गांव के लोगों ने बताया कि रायता खाने के बाद पता चला कि जिस भैंस का दूध इस्तेमाल किया गया था, उसे कुत्ते ने काटा था
◆ कुत्ते के काटने के बाद भैंस की मौत हो गई थी, उसमें रेबीज़ के लक्षण दिखाई दिए थेl
यह घटना उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के म्याऊं ब्लॉक के संजरपुर गांव की है।
इस मामले की मुख्य जानकारी निम्नलिखित है:
घटना का कारण: गांव में एक तेरहवीं के भोज के दौरान रायता परोसा गया था। बाद में ग्रामीणों को पता चला कि जिस भैंस के दूध से वह दही/रायता बना था, उसे कुछ समय पहले एक पागल कुत्ते ने काटा था और भोज के अगले ही दिन उस भैंस की मौत हो गई।
प्रशासनिक कार्रवाई: जैसे ही यह खबर फैली, गांव में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तुरंत गांव में कैंप लगाया।
टीकाकरण: एहतियात के तौर पर और रेबीज के खतरे को देखते हुए लगभग 200 लोगों को एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) की पहली खुराक दी गई है।
विशेषज्ञों की राय: डॉक्टरों के अनुसार, संक्रमित पशु के कच्चे दूध के सेवन से खतरा अधिक होता है, हालांकि उबालने के बाद खतरा कम हो जाता है, लेकिन जोखिम न लेते हुए सभी का टीकाकरण किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को घबराने की जगह सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।



